सरसी छंद
गलत मार्ग पर कभी न चलना, पकड़ो सच का हाथ
सच्चाई के बल पर सबको,मिलता प्रभु का साथ ।।
सत्य झूठ में भेद करो तुम ,करो सत्य पहचान।
सत्य हमेशा कड़वा होता,मिलकर सब लो जान।।
एक झूठ के बदले में है बोलो झूठ हजार,
पकड़ गए तो सच में यारों मिले नर्क का द्वार ।।
सत्य राह पर चलते चलते पकड़ धरम की राह।
पा सकते हो तुम भी मित्रों पाओ जिसकी चाह।।
झूठ बोलने की आदत को सच में तुम दो छोड़।
सत्य कसौटी जीवन की है मिथ्या को दो तोड़।।
सत्य मार्ग पर चलने वालों मिलता तुमको मान।
यश उन्नति अरु समृद्धि पाकर सद्गुण की हो खान।।
पूनम शुक्ला
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