Posts

Showing posts from November, 2022

आल्हा छंद चली कलम

Image
 वीर भगत बिस्मिल सुभाष को, कोटि-कोटि हम करें प्रणाम । चली कलम वह गाथा लिखने, वीरों का है जिसमें नाम।। जलियांवाला बाग था अद्भुत, हुए इकट्ठा मां के लाल। वहशी जनरल डायर ने तब,धरती कर दी लहु से लाल।। लंदन जाकर उधम सिंह ने,किया दुष्ट का काम तमाम ।। चली कलम वह गाथा लिखने, वीरों का है जिसमें नाम।। टूट पड़ी दुश्मन पर देखो,रानी लक्ष्मी बड़ी महान। रणभेरी जब बजी युद्ध में,देख दंग था हिंदोस्तान।। रानी एक साहसी नारी,युद्ध किया था सुत को थाम।। चली कलम वह गाथा लिखने,वीरों का है जिसमें नाम ।। ग्राम झाबुआ जन्म लिया था , नाम रखा उसने आजाद । मातृभूमि के जयकारों से,होने लगी सृष्टि आह्लाद।। सीना छलनी किया शत्रु का, तभी किया था चिर विश्राम ।। चली कलम वह गाथा लिखने,वीरों का है जिसमें नाम ।। भगत सिंह को बचपन से ही, नहीं जान की थी परवाह। फांसी पर वह झूला हंसकर,सबके मुख से निकली आह।। सबक सिखाया गोरों को हैं, किया विलक्षण उसने काम।।  चली कलम वह गाथा लिखने, वीरों का है जिसमें नाम ।। देनी है आजादी उसको, बदले में वह मांगे खून। सुन सुभाष के नारे ने अब ,नैनों में भर दिया जुनून।। जिस कीमत पर मिले मुक्ति अब, श...