मनहरण घनाक्षरी


 हिंद पाक बंटवारा, याद आया दृश्य सारा,

 गली-गली मौत घूमे, 

दर्द अभी जिंदा है ।।


साझी विरासत वाले, हुए दुश्मन हवाले,

 झटके से मार डाला,

 डालकर फंदा है।।


 चारों ओर पड़ा खून,  ग्राम हुए सभी सून,

 औरतों की लाशों संग,

 काम किया गंदा है।।


 बचाने को प्राण सभी,  लौह पथ भागे तभी,

 काटा सिर  युवाओं का,

 बस यही धंधा है।।


पूनम शुक्ला

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