सरसी छंद


सरसी छंद।    15/12/21




प्रभु से पाया जो कुछ तुमने ,मानो तुम उपकार 

हाथ जोड़ आभार जताना, हर दिन सौ सौ बार

जन्म मिला मानव का तुमको, संग मिले दो हाथ ।

आकर इस दुनिया में पाया, अपनों का भी साथ।।


साथ दिया है जिसने हर पल, किया बहुत उपकार।

आभारी तुम रहो हमेशा, अपना सब कुछ वार।

मात पिता अरु बंधु जनों का,रखना तुम भी मान ।

मर्यादा को नहीं छोड़ना,करना मत अपमान।


 देश धर्म की बलिवेदी पर, जीवन का दो दान ,

मातृभूमि की रक्षा खातिर ,कर दो सब कुर्बान।

सत्य राह पर चलना सीखो,जीवन हो आसान।

बहुत मिला है जिस मालिक से, मानो तुम अहसान।।


पूनम शुक्ला

👏👏👏👏




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