मनहरण घनाक्षरी🙏🏽🙏🏽🙏🏽🙏🏽
पड़ोसी की कार देख ,मन में विचार आया,
हमको भी कार लेना ,
राह बतलाइये।।
झटपट बैंक भागे, बिस्तर तुरत मांगे ,
खूब हमें अब सोना,
हमें न जगाइये।।
बैंक हमे पैसा देगा,बदले न कुछ लेगा,
आराम से पहुंचते,
पसर सो जाइए ।।
सोने से मिलेगा लोन , इसलिए सोने चले
अब तो हमें आप,
लोन दिलवाइये।।
पूनम शुक्ला
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