दोहे
समय नही आराम का,
करना हमको काम।
करते है आराम जो,
कैसे होवे नाम।।
जीवन हो आराम का,
कर लो ऐसा काम।
कभी पछताना न पड़े,
जपो राम का नाम।।
मेहनत से डरें सदा,
करते है आराम।
छूते नही अम्बर को,
होते वे नाकाम।।
जगत भावना शुद्ध हो,नीकी राखो चाल।
कर देव विश्वास अगर,बदले तेरे हाल।।
सोच समझ कर बोलना,होता ना आसान।
रखना ऐसी भावना,होवे सबका मान।।
पूनम शुक्ला
पूनम शुक्ला
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