विश्वास

 दोहे


*रिश्ते सब मजबूत हो*,*हमको है  विश्वास* ।

आपस में विश्वास से ,बनता रिश्ता खास ।।


*मन में हो विश्वास यदि* ,पूरे होते काम ।

प्रभु मर्जी के बिन कभी ,होता ना आराम।।


 *रिश्ता मन से प्रेम का*, रखना सब संभाल ।

प्रीत करो जग में सदा, ना बदलो तुम चाल।।



बिन विश्वास जग में कब , पूरी होती प्रीत।

 टूट गया मन से अगर, रुठ जाएगा मीत।।


एक बार जो तोड़ दे, किया गया विश्वास ।

जीवन में करना नहीं ,फिर उससे कुछ आस।।


मुश्किल कितनी भी पड़े, पकड़ो प्रभु का हाथ।

 मन में हो विश्वास यदि ,प्रभु देगा नित साथ।।



पूनम शुक्ला

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