कुंडलिया छंद


पति पाये लंबी उम्र, रखती वो उपवास ,

करें चौथ पूजन व्रत ,पूरी होती आस।

 पूरी होती आस ,चांद की पूजा करते 

देकर के आशीष, संकट सभी के हरते।

 कह पूनम सच बात ,कार्तिक प्रात नहाये। 

 गौरी गणेश पूज, लंबी उम्र पति पाये ।।



 शिक्षा ऑनलाइन की ,पढ़ने को मजबूर।

कोरोना कारण हुए,शाला से हम दूर।।

शाला से हम दूर, नही घर हमको पढ़ना।

होकर ना अब कैद,सुनहरे सपने गढ़ना।

सुन पूनम की बात,पढ़कर करो सब साइन।

बनी वक्त की  मांग,लो शिक्षा ऑनलाइन।।




दशरथ नंदन राम की, होवे जय जय कार ,

ख्याल भक्त का रख सदा, देते विपदा टार।।

देते विपदा टार, दूर होवे मन  डर का,

जनकसुता के संग, ध्यान धरते रघुवर का।

सुन पूनम की बात, छुटे सब जग के बंधन।

करो राम का जाप, सम्भालें दशरथ नंदन ।।

Comments

Popular posts from this blog

कहानी पार्ट 1

नया साल कविता प्रदीप छंद

संस्मरण बिस्तरबंद