रोला छंद
विषय याद तुम्हारी
1- बिटिया है ससुराल ,नया घर बार बसायें।
अम्मा को कर याद , सुता भी चैन न पायेँ।।
करूँ तुम्हें मैं याद, नैन है नीर बहाये,
खेल खिलौने देख तुम्हारी याद सतायें।।
2-
कहां गई तुम मात, कभी कुछ कहके जाती ।
आती हर पल याद , अश्रु मैं नित बहाती।
माता तेरे उपकार, जगत में है बहुतेरे ।
करती है कल्याण ,बसती हृदय मम मेरे।।
पूनम शुक्ला
बाकी बहुत खूब बहुत बधाई आपको👏👏👏👏👏👏👏👏
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