रोला छंद
काम करेंगे नेक, यही अरदास हमारी।
हिंद रहेगा स्वस्थ ,करें तन मन अब वारी ।।
लिया जन्म इस पुण्य, धरा को माता जानो।
नहीं करो तुम भेद, सभी को अपना मानो।।
भारत मां के लाल, कभी भूखे ना सोये ।
मेरी यह अरदास, कभी सुख चैन न खोये।।
मिलकर रहना सभी,बात हैं सुन्दर सारी।
परहित में विश्वास,तभी दानवता हारी।।
पूनम शुक्ला
बहुत सुंदर रचना👌👌👌👌
आपको बहुत बधाई पूनम जी👏👏👏👏👏💐💐
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