मनहरण घनाक्षरी
भारत की शान लाल, पैंसठ का शुभ साल ,
विचार जीवन सादा
कभी ना भुलायेंगे।।
*समृद्ध किसान नारा*,*सैनिक भी लगे प्यारा* ,
सादगी जीवन भर,
गुणगान गाएंगे।।
भारत के रत्न आप, कद काठी मत नाप ,
देश पर सब वारा,
मस्तक झुकाएंगे।।
इरादे बुलंद भले, अभावों में बढ़े पले,
याद कर आज सभी,
उत्सव मनायेंगे।।
पूनम शुक्ला
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