विषय  करवा चौथ

चाँद चौथका देख,सजे सुन्दर घर आंगन,

देकर पूरा साथ,निभाते हरपल साजन।।


 बंधन हो मजबूत,साथ ये कभी न छुटे।

मन से बांधी डोर,दुआ है कभी न टूटे।।



देवों का आशीष ,मिले प्रियतम जग प्यारा।

साथ देखकर चाँद,मनाये उत्सव न्यारा।।


कर प्रतीक्षा तेरी,चाँद जल्दी तू आना।

पति की लंबी उम्र ।वर हमें  देते जाना।।


लाल पहन परिधान,करवा हाथ में सजता,

सजे स्वप्न रंगीन, गीत पिय मन ही बजता ।।


पूनम शुक्ला

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