बापू को समर्पित सत्य अहिंसा पथ
बापू को समर्पित
सत्य अहिंसा पथ पुजारी, मोहनदास महान ।
पावन उनकी जन्मतिथि है ,करते सब सम्मान ।।
अंग्रेजों से लोहा लेकर ,करते बहुत कमाल ।
जीर्ण शीर्ण सी देह तुम्हारी ,मन में नहीं सवाल।।
झूठ बोलना चोरी करना, देता था संताप ।
बुरी आदतें दुष्कर्मो को, माना उसने पाप ।।
करना था आजाद देश को, लिया शौक ये पाल।
हुआ देश आजाद मगर था, आया उसका काल ।।
देश प्रेम था बहे रगों में, अद्भुत वीर जवान।
दांडी यात्रा शुरू की थी, बन कर धीर महान।।
मानवता के अधिकारों की ,कहते सुंदर बात।
चुप सीने पर गोली खाते ,सहते सब आघात।।
सच की ताकत के आगे , ब्रिटिश गये सब हार ।
गोरों की सत्ता ने भीअब, बंद किया व्यापार ।।
राष्ट्रपिता और बापू कैसा, रखे सुंदर नाम।
सच की लाठी को पकड़कर, किया श्रेष्ठ तुम काम ।।
चरखे को पहचान दिलाई ,लिखा देश इतिहास ।
अब दीन दुखी और दलित जनों ने , ली चैन की सांस।।
गोरों से अब लड़ी लड़ाई, तन मन सब कुछ डार।
ना गोले बंदूक चलाये ,किया नहीं प्रहार।।
जय बोलो जय बोलो बापू ,तेरी जय जयकार ।
तुमसे अच्छा देश हित में, मिला नहीं उपहार।।
पूनम शुक्ला
बरेली
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