मनहरण घनाक्षरी रवि आये पूर्व नित
मनहरण घनाक्षरी
रवि आये पूर्व नित , बर्षा गिरे कृषि हित ,
अवध है जन्मे राम ,
*दूत हनुमान है* ।
हवा बहे कण कण , बाल्मीकि की रामायण ,
गांधी छपे देश मुद्रा
*यही पहचान है* ।
सैकड़ो कवित्त पद ,देश सीमा वीर रत ,
विनायक गजमुख ,
*सूप जैसे कान हैं*।
निवास बरेली यहॉं ,गुरु वत्स पूजे वहाँ ,
वर्ण पर वीणा पाणी,
*मैया विद्यमान है*
पूनम शुक्ला
क्रमांक 28
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