रोला छंद विषय धर्म धारयते इति


रोला छंद

विषय धर्म


धारयते इति धर्म  ,यही परिभाषा जानो।

सही नही अब भेद, सभी जीवों में मानो।।

रखो आचरण श्रेष्ठ, अगर नर तन है पाया।

कहना सच ही बात,जगत की सुंदर माया।।


चोरी करना पाप,कहे यह धरम हमारा।

सनातनी विश्वास, प्रभू का खूब सहारा।।

भोजन शाकाहार,जीव पर दया विचारों ।

पशुओं में भी जान,किसी को ना अब मारो।।


पाया सुन्दर जन्म,कहाँ से हम हैं आये।

जाना है किस ओर,धरम हमको बतलाये।।

प्रभु की सब संतान, दृष्टि हो धवल तुम्हारी।

मिले धरम से ज्ञान,करों तुम बातें प्यारी।।


ऊंच नीच का भेद,नहीं हमने है जाना।

भाईचारा प्रीत,सदा मधुमय बरसाना।।

रखें नेक  व्यवहार ,नहीं कलुषित मन धारें।

पकड़ धरम की राह, कभी हिम्मत ना  हारे।।


पूनम शुक्ला

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