रोला छंद मौसम देता साथ,
*रोला छंद*💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐
मौसम देता साथ, चैन से हम भी सोते ।
बादल को यूं देख, भला हम काहे रोते ।
गर्मी या बरसात दिवस हम कैसे काटे,
आते प्रभु तुम याद ,कष्ट हम किससे बाटें।।
*शहर बना है ताल,भरे अब सारे नाले*
*आयी अब बरसात,जलज के काम निराले*
आता मौसम शीत, देख ठिठुरे मन मेरा,
पड़ता पाला खूब ,भोर में रहे अंधेरा।।
गर्मी का अब हाल, सभी तुमको बतलायें।
चमके सूरज तेज , शीत हम कैसे पायेँ ।।
सुन्दर मौसम खूब ,लगे अब हमको प्यारा।
देगा छप्पर फाड़, प्रभू का बहुत सहारा ।।
पूनम शुक्ला
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