रोला छंद बेटियाँ बेटी है अनमोल,
रोला छंद बेटियाँ
बेटी है अनमोल, जगत ने इसको माना।
आज समय है खास, खुशी तुम खूब मनाना।।
भाई बनता खास, बहन का मिले सहारा ।
देती सबका साथ, रहा जो हिम्मत हारा।
सब रिश्तो को आज, पड़ा हैं खूब निभाना।
बेटी है अनमोल ,जगत ने इसको माना।।
कहते अच्छा भाग्य ,अगर सुत जननी जाये ।
होता है सौ भाग्य, बड़ा दुहिता जो पाये।
प्रीत करो अब खूब, चले ना कोई बहाना।
बेटी है अनमोल ,जगत ने इसको माना।।
कैसे माने बात , सुता है नहीं परायी।
देती संबल आज, उसे भी जननी जायी।
रखती सब की लाज, नहीं है उसे सताना ।
बेटी है अनमोल, जगत ने इसको माना।।
करती रोशन नाम, जगत में कर उजियारा ।
होता गौरव गान, गगन ज्यों चमके तारा।
उसको देकर मान, सभी अधिकार दिलाना ।
बेटी है अनमोल ,जगत ने इसको माना।।
पूनम शुक्ला
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