मनहरण घनाक्षरी विषय हल षष्ठी बलराम जन्म आया
मनहरण घनाक्षरी
विषय हल षष्ठी
बलराम जन्म आया ,हरछठ खूब लाया ,
भादो जाते सूने सूने ,
बूंद तरसाएँ रे।।
बलराम कान्हा भाई, शक्ति दोनों खूब पाई,
असुर संहार कर,
जग हरषाऐं रे ।।
चहुँ ओर खुशी छाई,नगर बधाई आई,
मधुर उमंग लिए,
मन सरसाएँ रे ।।
नर नारी सब आये ,जन्म गीत खूब गाये
पावन त्योहार आया,
पुष्प बरसाएँ रे।।
पूनम शुक्ला
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