रोला छंद विषय विश्वास
लग जायें जी जान, धरा पर कर हरियाली।
पूरा है विश्वास, मने हर घर दीवाली।।
नदिया देती तोय, नहीं सम कोई दानी।
मलवा उसमे डाल,करें हम गंदा पानी।।
करें मनुज विध्वंस, सभी तरुओं ने जाना।
खूब लगाओ पेड़, हवा उनसे है पाना ।।
भले नहीं हम एक ,विटप भी आज लगाएं।
पर इसके अब लाभ ,सभी को नित बतलाए।।
वृक्ष धरा के साथ ,सदा देते खुशहाली।
करते हम विश्वास ,धरा पर हो हरियाली।।
पूनम शुक्ला
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