सार छंद पर्यावरण

 सार छंद

पर्यावरण


आओ मिलकर उपवन में हम, सुंदर पेड़ लगाएं ।

जिसके नीचे बैठ पथिक सब, शीतल छाया पाएँ।।


 नीम आँवला तुलसी बरगद, के हम लाभ बतायें ।

 एक से बढ़कर एक औषधि, गिन गिन के समझायें।।


फल फूल और औषधि देते, देते नहीं अघाते।

 बदले में तरु नहीं चाहते सब कुछ ही सह जाते।।


 कैसा भी मौसम हो वृक्ष ,हमसे कुछ  ना कहते ।

 जगती का कल्याण करें औ, धूप शीत सब सहते।।


पर्यावरण बचाने की अब, शपथ हमें है लेनी ।

करे धरा को हम संरक्षित, सीख सभी को देनी।।


 पेड़ काटकर हमने तो हैं, पशुओं का घर छीना ।

नहीं जानते हम भी क्या है, पंछी को भी जीना।।


पूनम शुक्ला

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