पुष्प घर मेरे सजे

घनाक्षरी


पुष्प  घर मेरे  सजे , वाद्य यंत्र नित्य बजे ,

 राधेश्याम मन बसे ,

मीरा संग आइए  ।।


 हम करें प्रतिदिन ,कंठी माला गिन-गिन ,

ओम करें शिव जाप ,

संग मेरे गाइए ।।


धूप बत्ती करें पूजा ,आप सम नहीं दूजा ,

प्रभु गुण गान कर  ,

गृह  महकाइए । 


 पूजा थाल कर लिए ,शिव धाम चल दिए ,

गौरा संग सुत  शिव ,

 घर बस जाइए।।


पूनम शुक्ला


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