शिव धाम में अभिषेक पूजन,
हरिगीतिका छंद
शिव धाम में अभिषेक पूजन, आरती मन से करो ।
फल फूल बेल करों समर्पित, शंकरा विपदा हरो ।
तम को मिटाकर ज्ञान सागर ,जो अभी तुम से लिया ।
अब चाहिये जग का सुमंगल, भक्ति भाव सदा किया ।
महिमा सदा करते सती सुत , साथ ही तुमको जपे ।
गुणगान जो मन से करें वह, रत्न के सम यूं तपे ।
नभ से धरा तक कौन है अब, मोह जाल नहीं फसें ,
हिम से करें गिरि को सुशोभित,अंबिका मन में बसे ।।
पूनम शुक्ला
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