प्रेम मृदु व्यवहार ,

 घनाक्षरी  


प्रेम मृदु व्यवहार ,धर्म-कर्म बारंबार ,

समर्पित स्तुति मंत्र,

 चंचल कन्हैया को।।


 प्रेम कृत्य अत्यधिक , कृष्ण सत्य धर्म निष्ठ,

 ध्यान संग समर्पण,

 कृष्ण श्वेत गैया को ।।


नित्य वर्ण रंग दीप्त ,बुद्धि पुरुषार्थ तीक्ष्ण ,

ध्येय शक्ति श्रेष्ठ कर्म ,

लक्ष्य बंधु भैया को ।।


चरित्र  अयोध्या नृप ,परिश्रमी पुरुषार्थ ,

हिम्मत विपत्ति ध्येय ,

 मित्र मार्ग नैया को ।।


पूनम शुक्ला

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