गरज गरज कर
घनाक्षरी रिमझिम
गरज गरज कर ,बरस बरस कर , छूने सावन आँगन ,
*आतुर है बदली* ।।
तरु डाली झूला झूले , पैग बढ़ा नभ छूले ,
मोर नाचे बगियन ,
*गीत गाएँ कोयली* ।।
पीहरवा मन करे , अश्रु लगे अब झरे,
मोहन संग राधा ज्यूँ ,
*खिलखिला हँसली* ।।
इंद्रधनुष रंगों पे , पूनम की तरंगों पे ,
कजरी सुनाती हमें ,
*घन घना बिजली* ।।
क्रमांक 28
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