मेरा भाई बड़ा न्यारा ,मनहरण
विषय- रक्षाबंधन*
*पूर्वाक्षरी अलंकृत मनहरण घनाक्षरी*
(वर्णिक छंद, 8,8,8,7 पर यति, 31 वर्ण प्रति चरण, चार चरण, चरणांत गुरु!
मेरा भाई बड़ा न्यारा ,
लगता है मुझे प्यारा ,
रक्षाका त्योहार शुभ,
कहें हम शान से ।
रे मनवा बात सुन
मन बात कभी गुन ,
बंधन निभाएं सदा ,
जाएँ हम मान से ।।
भैया तेरा साथ ठीक,
मन आज खूब नीक
आएँ बीते दिन याद,
प्यारा मुझे जान से ।।
याद आज आएं सभी ,
नहीं भूले हम कभी ,
रखते सबका ध्यान ,
खुशी जान गान से ।।
पूनम शुक्ला
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