नया प्राण नहीं जान
घनाक्षरी
🌹🌸🌺🍁🌻🌹🌹🌹
नया प्राण नहीं जान ,देख ध्वजा बड़े शान ,
फहरा तिरंगा बन,
अरमान देश का।।
हंस कर झूल गए ,कष्ट सब भूल गए ,
माता भारत सपूत ,
अभिमान देश का ।।
खुशी आज जन-जन ,जश्न मना हर मन ,
आजादी मशाल जले ,
मान है देश का ।।
शक्ति दिखे केसरिया, धैर्य धारण धवल ,
हैअमृत महोत्सव ,
पहचान देश का।।
पूनम शुक्ला
Comments
Post a Comment