सार छंद भारत देश हमारा प्यारा
सार छंद
भारत देश हमारा प्यारा, रंगों का संगम है ,
अनुपम छटा धरा बिखेरती, मौसम सुन्दर नम है ।
उत्तर से दक्षिण तक फैली ,पावन सतलज गंगा ,
इंद्रधनुष जो सजा नभ में,लगे बहुत सतरंगा।।
फल फूलों से भरी भूमि ये, नवजीवन देती है ।
कल कल करती जलधार यहॉं , तन मन हर लेती है ।
पग पखारने को मन आतुर , दूर से निहार रहा,
समेटे किरणों को आदित्य क्षितिज पर वार रहा ।।
पूनम शुक्ला
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