घनाक्षरी रिमझिम

 घनाक्षरी   रिमझिम 


गरज गरज कर  ,बरस बरस कर , छूने सावन आँगन ,

*आतुर है बदली* ।।


तरु डाली झूला झूले , पैग बढ़ा नभ छूले ,

 मोर नाचे बगियन ,

 *गीत गाएँ  कोयली*  ।।


पीहरवा मन करे ,  अश्रु लगे अब झरे,

 मोहन संग राधा ज्यूँ ,

 *खिलखिला हँसली*  ।।


इंद्रधनुष रंगों पे , पूनम की तरंगों पे ,

 कजरी सुनाती हमें ,

 *घन घना बिजली* ।।


Poonam shukla

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