शंभू शिव भोलेनाथ
सावन मनभावन
घनाक्षरी
शंभू शिव भोलेनाथ ,रखे दीन सब साथ ,
मेरा बेड़ा पार करो ,
करूं नमन तोहे ।।
हर दिन शिव वार , चढ़े पत्र फूल हार ,
जग हित काम करें ,
आशीष देना मोहे ।।
भस्म तेरे अंग अंग ,रूप देख सब दंग ,
निशा पति रख संग ,
शीश गंग सोहे ।।
प्रभु जग रखो लाज , नहीं कोई दूजा काज ,
गाएँ हम दिन रात ,
गजल गीत दोहे ।।
पूनम शुक्ला
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