दुर्मिळ योग

 दुर्मिळ सवैया


रवि सा चमको नभ में सुन लो जुगनू बन के तम दूर करो ,


महिमा समझो मजबूत बनो सब के पल में हर कष्ट हरो ,


गर  जीवन में खुश है रहना सच में प्रभु से तुम खूब डरो ,


जन योग करो तन स्वस्थ रखो चलते रहते सब नाम करो ।।


पूनम शुक्ला

12/7/21

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