तहरीर में कहीं बातें

 अंतरराष्ट्रीय साहित्य मंच दिल्ली 

प्रतियोगिता क्रमांक:- 03

दिनांक:- 05/07/2021

विषय:- तहरीर में कहीं बातें


क्या मुकम्मल था गुजरे हुए दिन और हसीन रातें, 


सर्द फिज़ाओ में भीग जाते  जानम बिनआये ही बरसाते ,


इश्क में तेरे जालिम भूल गया मैं सारे  रिश्ते नाते,


 समझ में नहींआती मुझे *तहरीर में कही बातें*, 


 इश्क है न जाम साकी  हर जगह तुमको ही  पाते ,


बेपनाह मोहब्बत में हम गीत ग़ज़ले तन्हा ही गाते ।।


स्वरचित एवं मौलिक

पूनम शुक्ला

बरेली

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