देव वंदन

 मनहरण घनाक्षरी


देव वंदन💥🍁🌺🌹💥🍁🌺🌹💥🍁🌺🌹


प्रभु आप सत्त चित्त ,

 ध्यान रखें भक्त हित ,

 रहे आप तेज पुंज ,

जीवन सवाँर के  ।।


मेरे आप प्राण श्वास,

 रखें बस एक आस ,

गुन गाए नित हम ,

आपको पुकार के ।।


प्रभु गुरु रहें सम ,

स्वयं करें दूर तम ,

 नहीं आवे कोई दुख,

 चरण पखार के ।।


अंतर्बल श्रेष्ठ बल ,

कभी नहीं आता कल,

 सुख दुख रहे सम,

 जीवन सुधार के।।


पूनम शुकला

1/7/21

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