तोरण

 तोरण


फूलन की तोरण हो,औऱ सुंदर सो थार,

तोरण को डार के,लागो नीको द्वार ।


उत्सवन पर डारो  या डारो  तीज त्योहार,

आवे  सुख  समृद्धि ,  बांटों नेक उपहार।


हम कहे विश्वास से, तोरण ऐसो होय,

जैसे इत्र गुलाब को, मन महकाये तोय।


द्वारन पर  डारो या  डारो पूजा  धोरे    , 

उम्मीदन को दिया जलावे, जीवन में तोरे ।


देवन को भावे हैं ,तोरण सतरंगी ,

खुशियन में गले मिल, जश्न मनाएं संगी।


घर को सजाए खातिर, करें एको प्रयोग,

 लछमी होये प्रसन्न, जब आवे  संजोग।।


 दुख ले के खुशियाँ बाटों, दीनन के जिय में,

मत करो मन उदास,तोरण सजाओं हिय में ।।


                   पूनम शुक्ला

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