प्रकृति

 विश्व पर्यावरण दिवस की सभी को बहुत बहुत शुभकामनाएं ।जीवन के लिए हमारे पास एकमात्र यही ग्रह है, यह हमारा घर है और हम सभी इसकी प्राकृतिक सुन्दरता को सदैव के लिए बनाए रखने के लिए जिम्मेदार है. विश्व पर्यावरण दिवस एक अभियान है, जो हर साल 5 जून को मनाया जाता है ।  इसी संदर्भ में मेरे मन के उद्गार .....


प्रकृति  


हे पालनहारी, हे जीवनदायिनी ,

हे  सृष्टि तुझे शत शत नमन ।

  तेरी ही सुंदर रंग रूप सब ,

    गगन, भूमि ,अनल, नीर पवन ।।


 तेरा अद्भुत सौंदर्य हैं देखा ,

देखा तेरा बारह  मासा।

हिमाच्छादित  पर्वत देखा ,

देखा  उजला रूप सुबासा  ।।


तेरी ही  छाती को चीरा,

उपजा  कर  हमने जल अन्न ।

हरी-भरी  फसलें  हैं  हीरा , 

देखकर होते हम प्रसन्न।।


 आता जब मधुमय बसंत,

 शीत ऋतु का होता अंत ।

खिलने लगते आमों पर बौर,

 शुरू हो जाता उत्सवों का दौर ।।


देखकर  तेरा  रौद्र स्वरूप ,

अतिशय बारिश भयंकर धूप।

बाढ़ सूखा और हिलती धरती ,

सुनामी में  दिखता तेरा रूप ।।


वनसंपदा को यदि है बचाना ,

कोख से  रत्नों  को होगा लाना।

सबकी जिम्मेदारी है पौधे को रोपना ,

 नव पीढ़ी को सुंदर धरा है सौंपना ।।


 वृक्ष है धरती का  परिधान,

 प्राणवायु  है  इसकी  शान ।

संरक्षित कर ,संवर्धित  कर  ,

पोषण  दे गाकर मधुर  गान ।।


प्रकृति के प्रकोप से है जो बचना ,

सूरज के ताप से नही है अब तचना ।

 तो क्यो न ले हम शपथ आज ,

 धरा को पहनाएंगे हरियाली का ताज ।।


अगर हम  करते रहे निरंतर दोहन ,

बचाने अब नहीं आएगा प्यारा मोहन।

गर   है   सुंदर सृष्टि  को बचाना ,

जन्मदिन पर   जरूर एक पेड़ लगाना ।।


पूनम शुक्ला

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