भारत के वीर सैनिकों


भारत के हे  रण बाकुरों,

शत-शत करते नमन आपको।

निशदिन प्रहरी बन रक्षा करते ,

अरि दलों से तनिक न डरते ।।


किंचित  न विचलित होते पथ से,

 फौलादी सा तुम जिगर हो रखते ।

शीश  न्योछावर किया देश पर ,

सीने पर तुम गोली सहते ।।


क्या नहीं जरा भी  भय है तुमको ,

चट्टानों से टकराने जाते हो ।

बूढ़ी मां और भगिनी वचन को, 

कैसे तुम ठुकरा पाते हो ।।


वीर माँ के जाएं पुत्रों ,

हम सब हैं  गर्वान्वित तुम पर ।

सर्वस्व समर्पण किया देश पर 

बलिदानी बन तुम जिऐं धरा पर।।


रो-रो अश्रु सूखते कांता के ,

जो चातक विरही चातकी के ।

 मन आगन पतझड़ सा लगता है ,

जब सीमा पर जाने का खत मिलता है ।।


हम वीर सपूत हैं इसी देश के, 

अंगारों पर चलना आता है।

 मातृभूमि के पावन पथ पर ,

शीश चढ़ाना आता है ।।


हो जन जन के हृदय में देश का गान, 

तिरंगा ही हो हमारा साजोंसामान ।

तिरंगे के बेहतरीन परिधान में सजाना ,

अब मन में बस एक ही अरमान।।


पूनम शुक्ला

केंद्रीय विद्यालय पूर्वोत्तर रेलवे

बरेली

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