परिवार दोहे
सुख दुख में जो साथ दे,कहते हम परिवार ।
*एक हमारी छत रहे* ,रहे नेह आधार।।
*गिरि शिखर पर चढ़ना हो ,चाहे कठिन उड़ान*।
संग रहे परिवार का ,होगा सब आसान।।
*रात भर दीपक जले* ,दूर करें अंधियार।
घोर निराशा में करें ,यही काम परिवार ।।
सिमट गए परिवार सब, भूले देना मान।
नौका सबकी डूब रही, शत प्रतिशत लो जान।।
पूनम शुक्ला
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