छंद माँ
आज का अभ्यास
नमन मंच 🙏🏽🙏🏽🙏🏽🙏🏽
मां की सूरत मां की मूरत ,
लगती बहुत निराली है।
संग अगर हो मां का हमको,
लगती रोज दिवाली है।।
कितनो कष्टों से जाया है ,
पर भूल गये उस पल को।
याद नही हमको अब उसका,
किया उपकार हर पल का।।
पूनम शुक्ला
सुन्दर छंद आपका आदरणीया👏👏👌👌🙏
Comments
Post a Comment