श्रांगार छंद



प्यार के मीठे बोलो बोल,

प्यार के बोल बड़े अनमोल।

कभी ना बोलो कड़वे बोल,

समझ कर मुख तुम अपना खोल।।


जगत में उनकी हो पहचान,

उन्हीं  से होती  घर की शान।

सदा जो करते सबसे प्यार,

सभी के लिए सदा तैयार।।


छोड़कर अपशब्दों को आज,

करो तुम सुंदर सुंदर काज।

जगत में पाओगे सम्मान,

किसी का करना ना अपमान।।


पूनम शुक्ला

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