हमे गर्व है हम शिक्षक है

 क्या है अवसाद इस जीवन में,

जो बन पाए अभियंता  या चिकित्सक ,

क्या किसी से कम है ,

जो बने हम एक शिक्षक।।


 क्या इससे अच्छा है ,

अन्य रोजगार ,

क्या बन के शिक्षक ,

जीवन ना हुआ कामगार ,

क्या कुछ ना बने ,

तो बने हैं शिक्षक ?


क्या इससे अच्छा हैं,

कोई और  रोजगार ,

क्या बनके शिक्षक ,

जीवन न हुआ कामगार ।

तो क्या कुछ न बने ,

तो बने हैं शिक्षक ,

तो हज़ारों नौनिहालों के ,

क्यों बने हो रक्षक ।।


बस यही  मानसिकता को 

बदलना है ,

इसी अवसाद को मिटाना है। जीवन को सरल सुखद,

 सुगम बनाना है ,

जीवन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाना है।।


 प्रभात में लाल नीले पीले,

 परिवेश में सुंदर सजीले ,

से फूलों को देखना ,

उनके हंसते रोते चेहरों में, मुस्कुराहट तलाशना ।

तमाम झमेलों को भूल 

प्यार पाना ,आशीर्वाद देना ।।


इनकी खिलखिलाते चेहरे, अंतरात्मा तक,

 रोमांचित नहीं कर जाते,

 ईश्वर का दिया बेहतरीन उपहार, है इन नौनिहालों का जीवन, अभिभावकों का भविष्य 

किसी सौगात से कम है ।।


जो हमें ना हासिल हुआ,

 फर्ज हमारा ,

उनको हासिल कराना ,

 सच है हकीकत जानो ,

इनके दिल से निकली दुआएं, हमारा भविष्य सवाँर जाएंगी, जीवन को और बेहतरीन ,

बना जाएंगी ।।


तो क्यों ना खुश हो इसी ,

वाटिका में रहकर ,

खुशियाँ ही खुशियाँ बांटे,

 थोड़ा कष्ट सहकर।।

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